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गर्भवती ओर पेट में पल रही नन्ही जान तरस रहे इलाज को…जागो जय राम सरकार..

 

शिमला कोविड़ सैंटर में न डाॅ. न नर्स..दो दिन से परेशान गर्भवती…

अशोका टाइम्स/पांवटा साहिब

शिमला में पांवटा साहिब की एक गर्भवती कोविड़ सैंटर में पिछले 2 दिनों से डॉक्टर और नर्स राह तक रही है ताकि उसे और उसके पेट में पल रही नन्ही जान को इलाज मिल सके ।

आपको बता दें कि पांवटा साहिब से तानिया जो कि वार्ड 5 की रहने वाली है और 7 माह से गर्भवती हैं अपना इलाज करवाने के लिए शिमला आईजीएमसी पहुंची थी वहां कोविड-19 पाई गई जिसके बाद उन्हें डैडीकेटेड कोविड-19 रिपन अस्पताल भेज दिया गया जहां पर पिछले 2 दिनों से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही हो बेहद डिप्रेशन में है लेकिन उसके बावजूद उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है । उनके पति वाह परिवार के अन्य लोग फिलहाल ओंकार अंतिम किए गए हैं वह फोन पर लगातार डॉक्टर और अन्य नर्सेज को उनकी तबीयत खराब होने की बात कह रहे हैं बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग अपनी चीन निद्रा में सोया है।

वही आपको बता दे डैडीकेटेड कोविड़ केयर सेंटर में बुधवार देर रात को एक महिला ने डिप्रेशन में आकर खुद को फंदे से लटका लिया था बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोविड-19 डॉक्टर और नर्स मुहैया नहीं करवा पा रहे हैं।

वहीं दूसरी और अगर कहें तो जयराम सरकार की यह बहुत बड़ी नाकामी है जब कोविड़ सेंटर में डॉक्टर और नर्स लोगों के इलाज के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। शिमला डीडीयू कोविड़ सेंटर मानसिक उत्पीड़न का केंद्र बनकर रह गए हैं।

क्या बोले पीड़ित

इस बारे में तानिया और उसके परिवार में पति जॉनी ने बताया कि वह पांवटा साहिब के निवासी हैं उनकी पत्नी 7 माह से गर्भवती हैं आईजीएमसी में इलाज के लिए लेकर आए थे लेकिन यहां पर इलाज के नाम पर बेहद लापरवाही बरती जा रही है पिछले 2 दिनों से लगातार हम डॉक्टर नर्स को गुहार लगा रहे हैं कि कोविड-19 सैंटर में तानिया की तबीयत काफी खराब है आप कृपया इलाज मुहैया करवाए लेकिन पिछले 2 दिनों से उनकी कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है वही जॉनी ने बताया कि उनकी पत्नी कोविड़ सेंटर में बेहद डिप्रेशन में है क्योंकि उनके वार्ड की ही एक दूसरी महिला ने बुधवार को पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली थी।

वही इस अव्यवस्था के बावजूद डीडीयू अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर लोकेंद्र शर्मा का कहना है कि अस्पताल में व्यवस्था ठीक है बीमारी से मरीजों में तनाव है शायद यही वजह है कि एक मरीज ने आत्महत्या कर ली है । वहीं एक अन्य महिला की भी शिकायत आई है ।

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