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अस्पताल में नहीं मिल रही सर्दी जुकाम की दवाएं..

RKS में करोड़ों रुपए किस काम के…

ASOKA TIMES/ पांवटा साहिब

पांवटा साहिब के सिविल अस्पताल में बच्चों की सर्दी जुखाम जैसी मामूली बीमारियों की दवा के लिए भी आम जनता को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सिविल अस्पताल में अच्छर सिंह निवासी पुरूवाला अपने 4 वर्षीय बच्चे को दवा दिलाने के लिए ले गया था। पर्ची बनवाने के बाद जब डॉक्टर को दिखाया तो डॉक्टर ने एंटीबायोटिक व अन्य दवाएं लिख दी जब वह सिविल अस्पताल की फार्मेसी पर पहुंचा तो इन दवाओं के लिए मना कर दिया गया हैरानी की बात यह है कि यह दवाएं साधारण सर्दी जुखाम बुखार जैसी छोटी बीमारियों की थी। इसमें एक साधारण एंटीबायोटिक दवा भी लिखी गई थी जब बात सीनियर मेडिकल ऑफिसर संजीव सहगल तक पहुंची तो उन्होंने फार्मेसी पर बैठे कर्मचारी को दफ्तर में बुलाकर पूछा तब सामने आया कि यह दवाएं अस्पताल में मौजूद नहीं है। उसके बाद इस बच्चे को साधारण बुखार की दवा देकर चलता कर दिया गया है बच्चा ठीक हो या ना हो उससे सिविल अस्पताल प्रशासन का कोई सरोकार नहीं है।

बताते चलें कि पांवटा सिविल अस्पताल में 3 विधानसभाओं के लोग अपने इलाज के लिए पहुंचते हैं इसमें शिलाई पांवटा और नाहन का कुछ हिस्सा आता है बच्चों सहित हजारों लोग बीमारियों से परेशान अस्पताल पहुंचते हैं ऐसे में उन्हें सर्दी जुकाम की दवाओं के लिए बाहर टरका दिया जाता है

जबकि सिविल अस्पताल में आम जनता की जेब से निकाल कर आरकेएस में करोड़ों रुपए का बजट हर वर्ष रखा जाता है लेकिन दवाओं पर महज़ 5 से 7% ही खर्च किया जाता है जबकि बाकि का पैसा या तो वापिस जाता है या फिर भौतिकी चीजों पर खर्च किया जाता है।

इस बारे में जानकारी देते हुए एसएमओ डॉ संजीव सहगल ने बताया कि वह दवाएं सिविल अस्पताल की फार्मेसी में नहीं थी जिसके बाद दवाएं बदलकर बच्चे को दी गई है।

 

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